
छतरपुर। बुधवार का दिन बुंदेलखंड के इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण विकास दिवस के रूप में मनाया गया। ब्रह्ममहूर्त के शुभ अवसर पर श्री मतंगेश्वर महाराज की महाआरती, भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री पंडित अटल बिहारी बाजपाई को समर्पित की गयी। उनकी आत्मा की शान्ति हेतु सभी भक्तों ने प्रतापेश्वर मंदिर में विशेष आरती एवं पूजन किया। सभी ने मंदिरों के दर्शन एवं परिक्रमा कर अपनी यात्रा चौसठ योगिनी मंदिर पर संपन्न की। खजुराहो के सभी कल्याणकारी कार्यकर्ताओं ने चौसठ योगिनी मंदिर में प्रांगण में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में क्षेत्र की प्रगति को ध्यान में रखते हुए एक ज्ञापन तैयार किया गया, जिसमें पांच प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया गया।ज्ञापन के माध्यम से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना खजुराहो में की जाए। यह न केवल क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेगा, बल्कि आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और पंचकर्म जैसी पारंपरिक चिकित्सा विधाओं को भी प्रोत्साहित करेगा। इसके साथ ही खजुराहो को हेल्थ टूरिज्म का वैश्विक केंद्र बनने का अवसर मिलेगा।एक शैक्षणिक केंद्र की स्थापना की जाए, जिसमें गुरुकुल, पर्यावरण विश्वविद्यालय, जल विश्वविद्यालय, और पर्यटन विश्वविद्यालय शामिल हों। यह न केवल क्षेत्र की शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन, परंपरागत ज्ञान, और पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की स्थापना अत्यंत आवश्यक है, जो पूरे वर्ष दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और अन्य प्रमुख शहरों से एयर इंडिया और अन्य प्रमुख एयरलाइंस के माध्यम से जुड़ा रहे। साथ ही इसे श्री मतंगेश्वर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नाम दिया जाए। यह न केवल खजुराहो की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण और सुविधा का केंद्र बनेगा।आधुनिक स्टेडियम का निर्माण किया जाए, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए उपयुक्त हो। खजुराहो में पहले से ही सभी प्रकार की सुविधाएँ और उच्चस्तरीय आवासीय व्यवस्थाएँ उपलब्ध हैं, जो इसे खेल और पर्यटन दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाएँगी।खजुराहो में एक आध्यात्मिक केंद्र की स्थापना की जाए। खजुराहो जो कई महान संतों की तपस्या भूमि है जैसे मतंग ऋषि, संन्यासी बाबा, बागेश्वर धाम, झाड़ू वाले बाबा, नारायण महाराज जी, प्रेमगिरी महाराज जी, आचार्य विद्यासागर जी, आचार्य विरागसागर जी, रजनीश एवं देव प्रभाकर शास्त्री – दद्दाजी। यहाँ एक आध्यात्मिक केंद्र की स्थापना की अत्यंत आवश्यकता है। यह केंद्र न केवल इन महान संतों की शिक्षाओं और योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित करेगा, बल्कि यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक दिव्य अनुभव का स्रोत बनेगा।यह ज्ञापन सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया एवं प्रधानमंत्री के समक्ष सांसद विष्णु दत्त शर्मा द्वारा रखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुंदेलखंड की जनता को संबोधित करते हुए अपने भाषण की शुरुआत बुंदेली भाषा में की, जो सभी के दिलों को छू गई। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने खजुराहो के प्रसिद्ध मंदिरों, जैसे मातंगेश्वर मंदिर, लक्ष्मण मंदिर, लालगुआ महादेव मंदिर, कंदारिया मंदिर और चौसठ योगिनी मंदिर का विशेष रूप से उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने पन्ना नेशनल पार्क की सराहना की, जो इस क्षेत्र की प्राकृतिक विरासत को विश्व में मज़बूत बनाता है।इस महत्वपूर्ण दिवस में मुख्य पद्मश्री उमा शंकर पांडे, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ नंदिता पाठक, श्रीमती विजया दत्त त्रिपाठी, श्रीमती पुष्पलता राव ब्रह्माकुमारीज़ माउंट आबू, हरीश लवानिया, आकांक्षा टिक्कू, अविनाश तिवारी, होटल एसोसिएशन, एडवोकेट आर. के. उपाध्याय एवं पंडित सुधीर शर्मा का विशेष सहयोग रहा।








