
प्रथम विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर महर्षि विद्या मंदिर में ध्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहर के आध्यात्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों दवाई विद्यालय परिसर में ध्यान कर इसके महत्व एवं जीवन मे सार्थकता पर प्रकाश डाला गया। मुख्य रूप से समाजसेवी शंकरलाल सोनी, अध्यक्ष सिख्ख समाज सरदार सरनजीत सिंह, सरदार सर्वजीत सिंह, अजय गुप्ता रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर आरटीओ, एड आनंद शर्मा, अवनींद्र खरे साहित्य सदन, राकेश तिवारी रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर, शंकरशरण खरे रिटायर्ड आरआई एवं जेपी भट्ट उपस्थित रहे। पंकज जैन ने भावातीत ध्यान के बारे में बताया कि महर्षि शिक्षा संस्थान के संस्थापक परमपूज्य महर्षि महेश योगी द्वारा 1957 से संचालित भावातीत ध्यान को वर्तमान में 157 देशो में अभ्यास किया जा रहा है इसके सकारात्मक वैज्ञानिक परिणाम भी देखे गए हैं। समपूरन सिंह ने कहा कि मन तन को शांतुलित करना ही ध्यान है। विद्यालय प्राचार्य सीके शर्मा ने बताया कि सभी महर्षि विद्या मंदिर स्कूलों की स्थापना का आधार ही ध्यान है एवं प्रतिदिन छात्रों को दो बार ध्यान कराया जाता रहा है और आज इसे विश्व द्वारा भी स्थापित किया जाना हम सभी के लिए गौरव की बात है।









