
छतरपुर। रक्तदान की भ्रांतियों को छोड़ अब लोग रक्तदान के लिए आंगे आ रहे है, इससे पीडि़तों की जान तो बचती ही है रक्तदान करने वाला भी पहले से ज्यादा स्वस्थ हो जाता है। रक्तवीर सेवा दल के अमित जैन ने बताया कि कलेक्ट्रेट में पदस्थ ई-गवर्नेंस अधिकारी राहुल तिवारी ने अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिला रश्मि तिवारी के लिए ऐसे समय रक्तदान कर उनकी सहायता की जब पीडि़ता को रक्त की बेहद आवश्यकता थी, क्योंकि गर्भ में जुड़वा बच्चे थे। रक्त न मिलने के कारण उनका आपरेशन रुका हुआ था, ऐसे में इनके रक्तदान से पीडि़ता को नवजीवन मिला।








