
जनप्रतिनिधियों व प्रशासन ने कहा खिलाड़ी और छात्र कर सकेंगे स्टेडियम का इस्तेमाल
छतरपुर। शहर के पं. बाबूराम चतुर्वेदी स्टेडियम को दो करोड़ की लागत से एक नया रूप दिया गया है। स्टेडियम में काफी समय से कार्य किया जा रहा था। स्टेडियम को आखिरकार खिलाडिय़ों और छात्रों के लिए खोल दिया गया है। सिंथेटिक रनिंग ट्रेक एवं मल्टीस्पोर्ट अरेना का शुभारंभ राज्यमंत्री, क्षेत्रीय विधायक एवं कलेक्टर के साथ-साथ नगर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में किया गया।बाबूराम चतुर्वेदी स्टेडियम के रनिंग ट्रेक का शुभारंभ करने के दौरान प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि इतना अच्छा खेल मैदान मिला है। मुख्यमंत्री और पूरी सरकार अभिनंदनीय है। छतरपुर के विकास के लिए हम सभी जनप्रतिनिधि मिलकर प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि रावण दहन परंपरा सदियों पुरानी है इसे खत्म नहीं किया जाएगा लेकिन इस संबंध में सबसे चर्चाएं कर एक रास्ता निकाला जाएगा। उधर क्षेत्रीय विधायक ललिता यादव ने कहा कि आज एक अच्छा अवसर है। सभी खेलप्रेमियों के लिए स्टेडियम खोला गया है। स्टेडियम का उपयोग करने के बदले पांच रूपए प्रतिमाह लिए जाने की बात पर उन्होंने कहा कि अभी कोई राशि नहीं ली जा रही है। खिलाडिय़ों और छात्रों की जनभावनाओं के मुताबिक कार्य किया जाएगा। रावण दहन के सवाल पर उन्होंने कहा कि एक समिति बनाई गई जो इस संबंध में रावण दहन आयोजन समिति से चर्चा कर रही है। 100 साल पुरानी परंपरा खत्म नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की कुलपति से भी इस संबंध में चर्चा की गई है। वहीं कलेक्टर ने कहा कि स्टेडियम में ट्रेक का निर्माण कार्य किया गया है। मल्टीपरपज स्पोर्ट्स का शुभारंभ हो रहा है। किराया लगने या न लगने के संबंध में अभी कोई मापदण्ड तय नहीं हुए हैं। सभी के विचार से सहमत होकर आगे कार्य करेंगे। उधर लाल कड़क्का रामलीला समिति के सदस्य नरेन्द्र चतुर्वेदी ने कहा कि 100 साल से रावण दहन की परंपरा चली आई है। समिति स्टेडियम में ही रावण दहन करने की बात कहती है। अगर स्टेडियम नहीं मिलता तो समितियां अन्य संगठनों के साथ बैठकर विचार करते हुए निर्णय लेगी।खिलाडिय़ों ने बहिष्कार किया तो विधायक ने मनायाबाबूराम चतुर्वेदी स्टेडियम के शुभारंभ अवसर पर खिलाडिय़ों को ऐसी सूचना मिल रही थी कि स्टेडियम का उपयोग करने के बदले खिलाडिय़ों को मासिक किराया देना पड़ेगा। ऐसा सुनने के बाद खिलाडिय़ों ने कार्यक्रम का बहिष्कार किया और वहां से उठकर जाने लगे तभी क्षेत्रीय विधायक ललिता यादव ने खिलाडिय़ों और छात्रों को रोककर उनसे बात की और उन्हें आश्वस्त किया कि किसी भी प्रकार की राशि नहीं ली जाएगी। विधायक की बात सुनकर खेलप्रेमी एवं छात्र वापस आ गए।नियम विरूद्ध किया गया स्टेडियम का शुभारंभमहाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय की कुलपति शुभा तिवारी ने इस उद्घाटन को नियम विरूद्ध बताया है। विश्वविद्यालय के मीडिया गु्रप में उन्होंने लिखा है कि स्टेडियम विश्वविद्यालय की संपत्ति है और उसका ही कानूनी आधिपत्य है। इसलिए नियम के मुताबिक विश्वविद्यालय प्रशासन को इस तरह की गतिविधियां करने का हक है। अन्य कोई अथॉरिटी इसका नियंत्रण नहीं कर सकती।









