
छतरपुर। छतरपुर के जाने-माने नेत्र रोग चिकित्सक डॉ. सुरेन्द्र ङ्क्षसह बुन्देला का उनके सागर रोड स्थित निवास पर मंगलवार की सुबह हृदयगति रूक जाने से निधन हो गया। वे लगभग 70 वर्ष के थे। तीन दिन पहले ही वे अपने दिल्ली में रहने वाले पुत्र डॉ. यशपाल बुन्देला के घर से लौटे थे। उनके निधन की खबर से छतरपुर के चिकित्सा जगत और नगर में शोक की लहर है। उनका अंतिम संस्कार बुधवार की सुबह 9 बजे बिजावर रोड स्थित भैंसासुर मुक्तिधाम में होगा। उल्लेखनीय है कि डॉ. सुरेन्द्र सिंह बुन्देला छतरपुर के सबसे पुराने नेत्र रोग विशेषज्ञों में से एक रहे हैं। उन्होंने लंबे समय तक जिला अस्पताल में सेवाएं दीं और फिर सेवानिवृत्त होने के बाद वे अपने सागर रोड स्थित आवास पर भी नेत्र रोगियों की सेवा कर रहे थे। उनके पुत्र डॉ. यशपाल बुन्देला दिल्ली के जाने-माने न्यूरो सर्जन हैं और पुत्रवधू डॉ. अनुराधा बुन्देला भी दिल्ली में ही एक प्रख्यात स्त्री रोग चिकित्सक हैं। उनकी धर्मपत्नि श्रीमती विमल बुन्देला एक जानी-मानी कवियत्री हैं। डॉ. बुन्देला के निधन से पूरे परिवार में शोक है। प्रसंग नर्मदा आयोजन समिति, हम फाउण्डेशन एवं संस्कार भारती ने भी डॉ. बुन्देला के निधन पर शोक व्यक्त किया है।








