
31 मार्च को पिछले शराब ठेके खत्म होने वाले थे इसलिए पुराने ठेकेदारों ने अपना स्टॉक खत्म करने के लिए मार्च के आखिरी सप्ताह में शराब के दामों में काफी गिरावट कर दी थी। 31 मार्च को तो आधे से कम रेट पर ही शराब की बोतलें बेची गईं। इन्हें खरीदने के लिए शराब के ठेके पर सुबह से रात तक शराबियों का जमघट लगा रहा। शराबियों ने सस्ती शराब के चक्कर में एक-एक पेटी से ज्यादा शराब खरीदकर जमा कर ली। इनका कहना- छोटे ठेकेदार लाईसेंस फीस के लिए परेशान करते थे इसलिए हमें पिछले साल की लाईसेंस फीस अभी तक जमा करानी पड़ रही है। इसलिए इस बार दुकानों को बड़े समूहों में विभाजित किया गया है। लगभग 250 करोड़ रूपए की राजस्व आय छतरपुर जिले से इस वर्ष होगी।
बीआर वैद्य, आबकारी अधिकारी, छतरपुर








