Home छतरपुर पुण्य की प्राप्ति और समाज में एकता का अद्भुत संदेश है सिद्ध...

पुण्य की प्राप्ति और समाज में एकता का अद्भुत संदेश है सिद्ध चक्र महामंडल विधान: पं. देवेन्द्र शास्त्री

13
0
Jeevan Ayurveda


बकस्वाहा। पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन छोटा मंदिर में आयोजित दस दिवसीय सिद्ध चक्र महामंडल विधान में आस्था, एकता और उत्साह का अद्भुत संगम देखा जा रहा है। 28 दिसंबर से 6 जनवरी 2025 तक जारी इस आयोजन में श्रद्धालु हर दिन नये उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं। जैन युवा मंच द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में जागरूकता और सामूहिकता को भी बढ़ावा दे रहा है।
आयोजन का मुख्य आकर्षण 1 जनवरी 2025 को होने वाली चक्रव्रती की विशाल दिग्विजय यात्रा नगर परिक्रमा और विश्वशांति महायज्ञ विसर्जन है। यह यात्रा समाज की एकता और अखंडता को बढ़ावा देते हुए धार्मिक आस्था का प्रतीक बनेगी। इसके माध्यम से एकता का संदेश और सामूहिकता की भावना मजबूत होगी, जो समाज को जोडऩे का एक अहम कदम साबित होगा। आयोजन के महत्व को रेखांकित करते हुए मडावरा से पधारे पंडित देवेन्द्र शास्त्री ने कहा कि सिद्ध चक्र महामंडल विधान से पुण्य की प्राप्ति कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने श्रीपाल चरित्र की एक पुरानी कथा सुनाई, जिसमें मैना सुंदरी ने सिद्ध चक्र महामंडल विधान के माध्यम से असाध्य रोगों का निवारण किया। यह कथा न केवल धार्मिकता की शक्ति को उजागर करती है, बल्कि सिद्ध चक्र महामंडल विधान की महानता को भी दर्शाती है। वहीं पंडित शिखरचंद्र ने इस आयोजन को समाज में एकता और अखंडता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों में सभी को परिवार सहित भाग लेना चाहिए, ताकि समाज में सामूहिकता और प्रेम का माहौल बने। यह आयोजन न केवल धर्म को बढ़ावा देता है, बल्कि समाज के हर सदस्य को एकजुट करने का एक शक्तिशाली माध्यम है।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here